भारतीय लोकतंत्र में धर्म और राजनीति की अंतःक्रिया: प्रभाव, चुनौतियाँ और समकालीन परिप्रेक्ष्य
Keywords:
धर्म, राजनीति, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, चुनाव, धार्मिक पहचान, सांप्रदायिकता, भारतीय संविधान।Abstract
भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसकी संरचना बहुधार्मिक, बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक समाज पर आधारित है। भारत में धर्म केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण घटक भी है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत ने स्वयं को एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया, किंतु व्यवहारिक राजनीति में धर्म की भूमिका निरंतर बनी रही है। चुनावी राजनीति, राजनीतिक दलों की रणनीतियों, मतदाता व्यवहार, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण तथा राष्ट्रवाद की अवधारणाओं में धर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। प्रस्तुत शोध-पत्र भारतीय लोकतंत्र में धर्म और राजनीति की अंतःक्रिया का विश्लेषण करता है। अध्ययन में धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा, ऐतिहासिक विकास, चुनावी राजनीति में धर्म की भूमिका, संवैधानिक प्रावधान, न्यायिक दृष्टिकोण, समकालीन चुनौतियाँ तथा भविष्य की संभावनाओं का समीक्षात्मक अध्ययन किया गया है। यह शोध द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है और 2022 तक उपलब्ध साहित्य का उपयोग करता है।




