शिक्षित विवाहित कार्यरत महिलाओं में पारिवारिक एवं कार्यस्थलीय भूमिका-द्वंद्व का समाजशास्त्रीय विश्लेषण

Authors

  • आरती सिंह शोधार्थी, (गृह विज्ञान विभाग), भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.) Author
  • डॉ. नूतन सिंह शोध निर्देशक, सहायक प्राध्यापक (गृह विज्ञान विभाग), भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.) Author

Keywords:

शिक्षित महिलाएँ, विवाहित कार्यरत महिलाएँ, भूमिका-द्वंद्व, परिवार, कार्यस्थल, मानसिक तनाव।

Abstract

आधुनिक भारतीय समाज में महिलाओं की शिक्षा, आर्थिक सक्रियता तथा व्यावसायिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके बावजूद घरेलू कार्य, बच्चों की देखभाल, बुजुर्गों की सेवा तथा पारिवारिक संबंधों के निर्वहन को मुख्यतः महिलाओं का दायित्व माना जाता है। परिणामस्वरूप शिक्षित विवाहित कार्यरत महिलाएँ एक ही समय में पत्नी, माता, गृह-प्रबंधक, कर्मचारी तथा सामाजिक सदस्य की अनेक भूमिकाएँ निभाती हैं। जब पारिवारिक और व्यावसायिक भूमिकाओं से संबंधित अपेक्षाएँ परस्पर विरोधी हो जाती हैं, तब भूमिका-द्वंद्व उत्पन्न होता है।

प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य शिक्षित विवाहित कार्यरत महिलाओं के पारिवारिक एवं कार्यस्थलीय भूमिका-द्वंद्व की प्रकृति, कारणों, प्रकारों तथा प्रभावों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण करना है। यह अध्ययन वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक प्रकृति का है तथा इसमें प्रकाशित शोध-अध्ययनों, सरकारी प्रतिवेदनों और प्रासंगिक सैद्धांतिक साहित्य का उपयोग किया गया है। विश्लेषण से ज्ञात होता है कि भूमिका-द्वंद्व केवल समय की कमी से उत्पन्न होने वाली व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि इसका संबंध लैंगिक श्रम-विभाजन, पारिवारिक अपेक्षाओं, मातृत्व संबंधी उत्तरदायित्वों, कार्यस्थलीय दबाव, कार्य के लंबे घंटों और अपर्याप्त संस्थागत सहयोग से है। अध्ययन का निष्कर्ष है कि पति एवं परिवार का सहयोग, घरेलू दायित्वों का समान वितरण, संवेदनशील संगठनात्मक नीतियाँ और महिलाओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता भूमिका-द्वंद्व को कम कर सकती हैं।

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Published

2025-01-25

How to Cite

आरती सिंह, & डॉ. नूतन सिंह. (2025). शिक्षित विवाहित कार्यरत महिलाओं में पारिवारिक एवं कार्यस्थलीय भूमिका-द्वंद्व का समाजशास्त्रीय विश्लेषण. International Journal of Arts, Commerce & Education, 13(1), 92-98. https://avjournals.com/index.php/files/article/view/59