ई-लर्निंग और शैक्षिक प्रभावशीलता: भारतीय उच्च शिक्षा के संदर्भ में शिक्षण गुणवत्ता, छात्र सहभागिता एवं अधिगम परिणामों का एक अनुभवजन्य अध्ययन

Authors

  • शशि भूषण कुमार (शोधार्थी) शिक्षा शास्त्र विभाग, सनराइज विश्वविद्यालय, अलवर, राजस्थान (भारत) Author

Keywords:

ई-लर्निंग, शैक्षिक प्रभावशीलता, उच्च शिक्षा, शिक्षण गुणवत्ता, छात्र सहभागिता, अधिगम परिणाम, डिजिटल शिक्षा।

Abstract

डिजिटल प्रौद्योगिकी के तीव्र विकास ने शिक्षा के स्वरूप को व्यापक रूप से परिवर्तित किया है। ई-लर्निंग (E-Learning) आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक बनकर उभरा है, जिसने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक लचीला, सुलभ एवं शिक्षार्थी-केंद्रित बनाया है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के बाद भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्मों का व्यापक उपयोग किया गया, जिससे शिक्षण की निरंतरता बनाए रखने में सहायता मिली। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य भारतीय उच्च शिक्षा के संदर्भ में ई-लर्निंग की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना है। अध्ययन में शिक्षण गुणवत्ता, छात्र सहभागिता एवं अधिगम परिणामों पर ई-लर्निंग के प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। शोध में द्वितीयक आंकड़ों, समकालीन साहित्य तथा नीतिगत दस्तावेजों के आधार पर विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अपनाया गया है। निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि ई-लर्निंग शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार, छात्र सहभागिता में वृद्धि तथा अधिगम परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही डिजिटल विभाजन, तकनीकी अवसंरचना की कमी तथा डिजिटल साक्षरता जैसी चुनौतियाँ भी सामने आती हैं।

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Published

2026-01-22

How to Cite

शशि भूषण कुमार (शोधार्थी). (2026). ई-लर्निंग और शैक्षिक प्रभावशीलता: भारतीय उच्च शिक्षा के संदर्भ में शिक्षण गुणवत्ता, छात्र सहभागिता एवं अधिगम परिणामों का एक अनुभवजन्य अध्ययन. International Journal of Arts, Commerce & Education, 1(1), 24-30. https://avjournals.com/index.php/files/article/view/33